स्नातक
B.A. और B.Sc.
मानविकी, समाज विज्ञान और प्राकृतिक विज्ञान में तीन-वर्षीय डिग्री — दोनों मिलाकर हर साल 240 स्नातक सीटें।
संबद्धअटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर
+91 62607 727942003 से पहले कटघोरा के विद्यार्थी को अपनी पसंद के विषय में डिग्री के लिए अक्सर घर से दूर जाना पड़ता था। जे.बी.डी. महाविद्यालय यहीं वह विकल्प देने के लिए शुरू किया गया।
स्थापना 2003
शिक्षा वहीं, जहाँ विद्यार्थी है।स्थापना का विचार
जय बूढ़ा देव कला एवं विज्ञान महाविद्यालय कटघोरा का एकमात्र निजी महाविद्यालय है। यह शहर और आसपास के गाँवों के विद्यार्थियों को पढ़ाता है — वे विद्यार्थी जिनके लिए अपनी पसंद का विषय पढ़ने का मतलब पहले घर छोड़ना, किराया देना और त्योहारों पर ही लौटना होता था।
2003 में स्थापित यह महाविद्यालय कोरबा जिले के इस हिस्से में उच्च शिक्षा की बड़ी कमी को पूरा करने के लिए शुरू किया गया। बीस वर्ष बाद, यहाँ तीन डिग्रियों में हर साल 240 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं।
महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (ABVV), बिलासपुर से संबद्ध है। परीक्षा, पाठ्यक्रम और डिग्री विश्वविद्यालय की होती है — अर्थात् कटघोरा में पढ़ने वाले विद्यार्थी को वही योग्यता मिलती है जो बिलासपुर में पढ़ने वाले को।

विद्यार्थी और अभिभावक आने से पहले जो पूछते हैं, सब यहाँ है। शुल्क और कागज़ों की सूची हर सत्र में तय होती है, इसलिए वह कार्यालय से पूछ लीजिए।
स्नातक
मानविकी, समाज विज्ञान और प्राकृतिक विज्ञान में तीन-वर्षीय डिग्री — दोनों मिलाकर हर साल 240 स्नातक सीटें।
स्नातकोत्तर
भूगोल, राजनीति विज्ञान या हिंदी साहित्य में दो-वर्षीय विशेषज्ञता, स्नातक के बाद पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थियों के लिए।
संबद्धता
पाठ्यक्रम, परीक्षा और डिग्री विश्वविद्यालय देता है, इसलिए यह योग्यता पूरे भारत में मान्य है।
बताइए कौन सा पाठ्यक्रम और कौन सा विषय देख रहे हैं — कार्यालय बता देगा कि सीटें खुली हैं या नहीं और क्या साथ लाना है।